Shiksha ka adhikar adhiniyam (RTE act) ka limitation

 हैलो दोस्तों,

 आज के पोस्ट में मैं आपको शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की सीमाओं को बताने वाली हूं। दोस्तों, शिक्षा का अधिकार अधिनियम के बारे में तो सभी लोग जानते हैं परंतु इसकी सीमाएं के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं इसलिए आज की पोस्ट में मैं इसको बताने वाली हूं।


Shiksha ka adhikar adhiniyam (RTE act) ka limitation | शिक्षा का अधिकार अधिनियम की सीमाएं क्या - क्या है?


1. शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 सिर्फ 6 से 14 साल के बालक एवं बालिकाओं को नि:शुल्क शिक्षा प्रदान करता है परंतु जन्म से 6 साल और 14 साल से अधिक उम्र के बालको के शिक्षा को महत्व नहीं दिया गया है।


2.  हम सभी लोग जानते हैं कि बच्चों का सर्वाधिक विकास शैशवावस्था और बाल्यावस्था में ही होता है। शैशवावस्था के अंतर्गत जन्म से 2 साल के बच्चे आते हैं और बाल्यावस्था के अंतर्गत 6 से 12 वर्ष के बच्चे आते हैं। 

3. इस अधिनियम के अनुसार बच्चों के उम्र को ध्यान में रखते हुए कक्षा में दाखिला करवाना है। अगर 8 साल का बालक है तो उसे तीसरी कक्षा में दाखिला होगा।

 चाहे वह कक्षा एक में हो या कक्षा दो पढ़ा हो या नहीं पढ़ा हो इसे शिक्षक और अभिभावक को कोई मतलब नहीं होना चाहिए।

 परंतु यह गलत है अगर बच्चे कक्षा 1 और 2 का पाठ्यक्रम और पाठ्यचर्या नहीं पूरा करेंगे तीसरी कक्षा का पाठ्यक्रम कैसे समझा सकते हैं?


4. इस अधिनियम में यह भी प्रावधान है कि किसी भी बच्चे को कक्षा 8 में फेल नहीं करना है। हम सभी जानते हैं कि सभी बच्चे तेज नहीं होते और सभी में अलग-अलग गुण पाए जाते हैं। कोई भी दो बच्चे एक जैसे नहीं हो सकते हैं। 


कक्षा में प्रतिभाशाली बच्चे भी होते हैं, औसत बुद्धि लव्धि वाले बच्चे भी होते हैं और औसत से कम बुद्धि लब्धि वाले भी होते हैं। ऐसे में कक्षा आठ में किसी भी बच्चे का फल ना होना यह मुमकिन नहीं है। अगर सभी कमजोर बच्चों को भी पास किया जाएगा तो भी वह अपने भविष्य में सफलता प्राप्त नहीं कर सकेंगे। इसलिए सरकार को इस पर अवश्य निर्णय लेना चाहिए।


5. शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के  अनुसार प्रत्येक 30 बच्चे पर एक शिक्षक का होना अनिवार्य है। 


परंतु ज्यादातर सभी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है कहीं 50 बच्चे पर एक शिक्षक होते हैं तो कहीं 70 बच्चे पर एक शिक्षक होते हैं। और शिक्षकों की बहाली न होने के कारण इसका सीधा असर बच्चों के भविष्य पर पड़ता है। उनको गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल पाता है जिससे उनका विकास प्रभावित होता है।


6. शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 में महत्वपूर्ण विषय पर जब तक कि केंद्र सरकार, राज्य सरकार, वित्त मंत्रालय, योजना आयोग, श्रम मंत्रालय महिला और बाल कल्याण, पंचायत राज्य, स्थानीय निकाय आदि शिक्षा से संबंधित कार्यों की स्वीकृति नहीं देते तब तक लागू नहीं होगा। इसका सीधा प्रभाव बच्चों पर पड़ता है।


7. इस अधिनियम के धारा 14 (2) के अनुसार बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र न होने पर भी बच्चों का विद्यालय में आसानी से दाखिला हो जाएगा। 


परंतु यह शिक्षकों के लिए बहुत बड़ी समस्या उत्पन्न करती है क्योंकि इसके अनुसार बच्चे के माता-पिता जो भी कक्षा में चाहे बच्चे का दाखिला करवा सकते हैं।



8. इस अधिनियम की धारा 5 में कहा गया है कि बच्चे के स्कूल छोड़ने पड़ा स्थानांतरण पत्र निश्चित समय सीमा में बच्चों को अवश्य दे देना है और इसी अधिनियम में दूसरी ओर यह भी कहा गया है कि जब बच्चों को किसी भी विद्यालय में दाखिला लेना हो उस समय बच्चों के पास जन्म प्रमाण पत्र या स्थानांतरण प्रमाण पत्र न होने पर भी बच्चों का दाखिला हो जाएगा। यह दोनों बातें आपस में मेल नहीं खाती जो कि विद्यालय के लिए बड़ी समस्या उत्पन्न करती है।


9. इस अधिनियम में कमजोर आर्थिक स्थिति और वंचित वर्ग के बच्चों पर विशेष ध्यान नहीं दिया गया है।


 10. इस अधिनियम में कहा गया है कि 6000 मॉडल विद्यालय खोले जाएंगे और कक्षा छठी से आगे तक की पढ़ाई को निजीकरण और व्यापारीकरण कर दिया जाएगा। ऐसे में जो बच्चे मातृभाषा में पांचवी तक पढ़े हैं। वह आगे की पढ़ाई अंग्रेजी में कैसे कर सकते हैं? यह भी एक बड़ी समस्या उत्पन्न करती है।


11.  इसमें कहा गया है कि जिस विद्यालय को मान्यता नहीं मिला है उसमें पढ़ने से कोई फायदा नहीं है। परंतु जो बच्चे बिना मान्यता प्राप्त हुए विद्यालय में किसी कारणवश पढ़ रहे हैं उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।


12. इस अधिनियम की धारा 16 के अनुसार जब तक प्रारंभिक शिक्षा पूरी नहीं हो जाती है तब तक किसी भी बच्चे को एक ही कक्षा में पढ़ने के लिए नहीं रोका जा सकता है और ना ही स्कूल के बाहर निकाला जा सकता है। यह अन्य विद्यार्थियों एवं विद्यालयों के लिए समस्या उत्पन्न करती है क्योंकि और असामाजिक बच्चे का प्रभाव पूरे विद्यालय पर पड़ता है।



तो दोस्तों, आज के पोस्ट में मैंने आपको बताया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम की सीमाओं के बारे में बताया। अगर आप इस पोस्ट से संबंधित कोई भी प्रश्न तो आप बेझिझक कमेंट करके पूछ सकते हैं। अगर आपको यह पोस्ट अच्छा लगा हो तो कृपया फॉलो और शेयर जरूर करें।

धन्यवाद

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