Concave mirror kya hai। Concave mirror ka use kya hai? Is mirror me image kaisa banta hai

 हैलो दोस्तो, आप सभी का हमारे वेबसाइट Rasoteach.com में तहे दिल से स्वागत है। आज के पोस्ट में मैं आपको concave mirror/ अवतल दर्पण के बारे में बताने वाली  हूं। 


सबसे पहले हमलोग जान लेते हैं कि Concave mirror है क्या ?

Concave mirror kya hai?


Concave mirror एक ऐसा mirror होता है जिसका  reflecting surface अंदर की ओर होता है। इसको हम इस प्रकार भी समझ आ सकते हैं।


Concave में cave का मतलब गुफा। जो दर्पण का reflecting surface गुफा के अंदर उसे Concave mirror कहते हैं।

Concave mirror जिसको हम converging mirror भी कहते है। 

तो दोस्तों, अब मै आपको बताने वाली हूं कि इस दर्पण का उपयोग क्या है?


Concave mirror ka use kya hai?


👉Concave mirror का उपयोग हम सामान्यत: अपने घरों में टॉर्च, सर्चलाइट के रूप में करते हैं।

 👉अवतल दर्पण वाहन जैसे मोटरसाइकिल कार, बस, ट्रक आदि में हेड लाइट के रूप में भी इसका उपयोग करते हैं। इससे लाइट बहुत शक्तिशाली समांतर किरण पुंज के रूप में प्राप्त होता है। 

👉अवतल दर्पण का उपयोग हम अपने चेहरे को बड़ा करके देखने में भी करते हैं।

 👉अवतल दर्पण उपयोग शेविंग करने, डार्क सर्कल को देखने में करते हैं।

👉 डेंटिस्ट लोग या डॉक्टर भी इस दर्पण का उपयोग मरीजों को देखने के लिए करते हैं।।

 👉और सौर भट्टियों में सूर्य प्रकाश को केंद्रित करने के लिए बड़े अवतल दर्पण का उपयोग किया जाता है।



Concave mirror me image kaisa banta hai?



Concave mirror यानी कि अवतल दर्पण में image real and inverted / वास्तविक और  उल्टा बनता है। सिर्फ एक स्थिति में आभासी अथवा काल्पनिक और सीधा ( virtual and erect) बनता है।


जब object pole और फोकस के बीच होता है तब उसका प्रतिबिंब दर्पण के पीछे बनता है।


आइए हम समझे:- 

👉 जब कोई object अनंत पर होता है तब उसका प्रतिबिंब focus पर बनता है और प्रतिबिंब का साइज अत्यधिक छोटा होता है और वह प्रतिबिंब उल्टा और वास्तविक ( inverted and real) बनता है।


👉 जब कोई object अनंत और Centre of curvature के बीच में होता है तब उसका प्रतिबिंब centre of curvature और focus के बीच बनता है।


 और प्रतिबिंब का साइज  छोटा होता है और वह प्रतिबिंब उल्टा और वास्तविक बनता है।


👉 जब कोई object centre of curvature पर होता है तब उसका प्रतिबिंब centre of curvature पर ही बनता है और प्रतिबिंब का साइज समान होता है और वह उल्टा और वास्तविक बनता है।

 

👉 जब कोई object Centre of curvature और focus के बीच में होता है तब उसका प्रतिबिंब centre of curvature और infinity के बीच बनता है।


 और प्रतिबिंब का साइज बड़ा होता है और वह प्रतिबिंब उल्टा और वास्तविक बनता है।


👉  जब कोई object focus पर होता है तब उसका प्रतिबिंब अनंत पर बनता है और प्रतिबिंब का साइज अत्यधिक बड़ा होता है।


और वह प्रतिबिंब उल्टा और वास्तविक ( inverted and real) बनता है।


👉 जब कोई object focus और pole के बीच में होता है तब उसका प्रतिबिंब दर्पण के पीछे बनता है।

 और प्रतिबिंब का साइज बड़ा होता है और वह प्रतिबिंब सीधा और काल्पनिक बनता है।


तो दोस्तों, आज के पोस्ट में मैंने आपको concave mirror यानी कि अवतल दर्पण के बारे में बताया। मुझे उम्मीद है कि आपको यह महत्त्वपूर्ण जानकारी अच्छी लगी होगी। अगर आपके मन में इस पोस्ट से संबंधित कोई भी सवाल हो तो आप नीीचे👇 दिए गए कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते हैं।

यह पोस्ट पढ़ने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।🙏

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