Back pain home remedies in hindi

Back pain home remedies in hindi

लगातार कई घंटे बैठकर काम करने से हमारी back bones की muscles बहुत कमजोर हो जाती है। इसलिए अगर लम्बे समय से आप back pain की समस्या से जूझ रहे हैं तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।





दरअसल इस नोबेल कोरोना वायरस और लॉकडाउन के कारण लाखों लोग अपना ज्यादा समय घर बैठे काम करके बीता रहे हैं जिस वजह से वह कई परेशानियों का सामना कर रहे हैं। ज्यादा समय तक एक ही पोजीशन में बैठे रहने के कारण कमर दर्द की परेशानी हो रही है। 


कई लोग रीड की हड्डी/ spinal cord को झुका कर बैठते हैं और कई लोग बेड पर लेट कर लैपटॉप पर काम करते रहते हैं और कई लोग तकिए को गोल मोर कर पर एक ही पोजीशन में टिककर बैठे रहते हैं।


 इन सभी चीजों की वजह से आप अपने स्पाइनल कॉर्ड को काफी नुकसान पहुंचा रहे हैं। घर से काम करने पर लोगों के शरीर पर बहुत ज्यादा प्रभाव पड़ रहा है। Back pain यानी कि पीठ दर्द पहले इस समस्या से बड़े बुजुर्ग परेशान हुआ करते थे परंतु आज बच्चे, नव युवक सभी परेशान रहते हैं।


इसका कारण है लाइफस्टाइल में बदलाव लाना। इसे ठीक करने के लिए हमें उपाय अवश्य करना चाहिए। हमारी आदत ही हमारी कमजोरियों को बढ़ावा देती है। यदि इसे हम सही समय पर ठीक कर ले तो यह दीर्घकालिक नहीं रहेगी और यदि हम इसे नजरअंदाज करें तो यही समस्या बाद में बड़ी बीमारी का रूप ले लेती है। 



यह समस्या लॉकडाउन और कोरोना वायरस 🦠 में काफी बढ़ गई है। बच्चे एक ही position में घंटों बैठकर टीवी देखते रहते हैं और युवा घंटों बैठकर लैपटॉप पर काम करते रहते हैं जिससे उन्हें भी कम उम्र में ही इस परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 


Back pain home remedies in hindi 

अगर आप इस समस्या से छुटकारा पाना चाहते हैं तो निम्नलिखित सुझाव को अपनाकर आप इस समस्या से निजात पा सकते हैं।  
 

1. हर दो घंटे में शारीरिक position में बदलाव करें।


 अगर आप हर 2 घंटे पर शारीरिक position में बदलाव करेंगे तो यह समस्या आपको नहीं होगी। कोशिश करें कि प्रत्येक घंटे में अपने position की बदलाव करें।

अगर आप मेज पर बैठे रहते हैं तो 2 से 3 मिनट के लिए खड़े रहकर काम करें और stretching करके अपने शरीर के अंगों को क्रियाशील बनाए रखें। 

काम करने के दौरान सिर्फ दिमाग, हाथ और पीठ पर जोड़ ना डालें इससे stress लेवल बढ़ता है। कोशिश करें कि बीच-बीच में stretching  करें।

 इससे आप काफी अच्छा महसूस करेंगे और आप खुले दिमाग से काम कर पाएंगे।

2. अपनी कुर्सी, टेबल का चुनाव सही ढंग से करें।


दोस्तों, काम करने से पहले यह जरूर देख लें कि आप जिस कुर्सी पर बैठ कर काम कर रहे हैं वह आपके पीठ को सीधा रखने में मददगार है या नहीं।


 ऐसा ना हो कि आप जहां काम कर रहे हो वहां पर झुक कर बैठना पड़े, अगर ऐसा है तो इसमें जल्द से जल्द परिवर्तन जरूर करें।

3. दोनों पैरों पर बैलेंस बनाकर खड़े  होएं। 


कई बार ऐसा होता है कि हम एक पैर पर ही पूरा जोड़ देकर खड़े रहते हैं। ऐसे में भी हमारे शरीर के एक भाग में दर्द होने लगता है इसलिए ऐसा कदापि ना करें और दोनों पैरों के बल पर बैलेंस बनाकर खड़े होए। इससे आपके शरीर में कोई परेशानी नहीं होगी।
 

4. सही बैग का चुनाव करें।


अक्सर हम one sided बैग का प्रयोग करते हैं जिससे एक कंधे पर ज्यादा जोर पड़ता है और लगातार ऐसा करने से हमारे स्पाइनल कॉर्ड का आकार बदल जाता है। इससे बचने के लिए 2-sided बैग का प्रयोग अवश्य करें ताकि बैग का भार दोनों कंधे पर पड़े और जहां भी मौका मिले बैग उतार कर रख दें और और रिलैक्स महसूस करें।


5. बेडरूम के मैट्रिक्स को ना ज्यादा कड़ा रखें और ना ज्यादा मुलायम रखें।


अधिकतर मैट्रिक्स एक साइड से बहुत ज्यादा कड़ा होता है और दूसरे साइड से बहुत ज्यादा मुलायम होता है। होटल का मैट्रिक्स बहुत ज्यादा मुलायम होता है और इससे बहुत सारे लोग परेशान रहते हैं इसलिए मैट्रिक्स को न ज्यादा मुलायम रखें और न ज्यादा करा रखें।

6. नुकीले हील्स को लम्बे समय तक पहनने से बचें।


नुकीले हील्स / पेंसिल हील्स को लंबे समय तक ना पहने। हाई हील्स या पेंसिल हील्स अच्छा लुक तो देता है परंतु इससे शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ता है। हमारे ज्वाइंट्स और हमारे पीठ दोनों पर इसका बुरा प्रभाव पड़ता है। 

यह हमारे शरीर के बैलेंस को बिगाड़ देता है अगर इसे पहनकर आपको दर्द होता है तो इसे पहनने से बचें।

और फ्लैट स्लीपर को भी पहनने से बचे। इसे पहनने से भी पैर जल्दी थक जाता हैं इसलिए आप ऐसा स्लीपर या शूज पहने जो कम से कम 1 इंच सोल वाला हो। हील्स पहन कर ज्यादा देर तक ना चले। बीच-बीच में बैठ जाए हाई हील्स उतारने के बाद पैरों के तलवे को दाएं, बाएं, ऊपर, नीचे जरूर घुमाए ताकि रिलैक्स महसूस हो सके।


7. पर्स को बैक पॉकेट में रखने से बचे।


पर्स को बैक पॉकेट में रखने से बैठने के समय एक साइड उठा ही रह जाता है और बार-बार इसी पोजीशन में बैठने से स्पाइनल कॉर्ड के आकार में परिवर्तन आ जाता है। वह अपनी जगह से खिसक जाता है और लंबे लंबे समय तक ऐसा करने से आप बड़ी बीमारी के शिकार हो सकते हैं। इसलिए जब भी आप बैठे तो बैक पर्स को निकाल कर ही बैठे।


8. अपने गुस्से को करें बाय-बाय।


नए शोध में यह पाया गया है कि जो लोग ज्यादा गुस्सा करते हैं और अंदर ही अंदर घुटते रहते हैं उसका सीधा प्रभाव हमारे पीठ पर पड़ता है।

 जो लोग खुश रहने में, माफ करने में विश्वास रखते हैं उन्हें डिप्रेशन और गुस्सा कम परेशान करता है और उन्हें स्ट्रेस भी बहुत कम होता है। ऐसा करने से आप के रिश्ते अच्छे तो रहते ही हैं साथ ही साथ आप खुश भी रहते हैं और स्वस्थ भी रहते हैं। 

आपके अंदर ऐसे गुण विकसित हो जाते हैं जिसकी वजह से आप संपूर्ण जीवन खुशहाल व्यतीत कर सकते हैं। अगर आप अपना सारा समय गुस्सा और चिंता पर बेवजह खर्च कर देते हैं तो इससे आपके शरीर की मांसपेशियां रिलैक्स महसूस नहीं कर पाती और लगातार चिंतित होने के कारण आपके शरीर के बैंक में दर्द हो जाती है।

 इससे बचने के लिए आप मेडिटेशन करें, गाना सुने, गुनगुनाए, डांस करें, नई नई चीजों के बारे में जाने, और अपने आप को शांत रखें और खुद को व्यस्त रखें। ऐसा करने से आपका स्ट्रेस लेवल कम होगा और आप स्वस्थ रहेंगे।


9. धूम्रपान कदापि ना करें।


हम सभी लोग जानते हैं कि धूम्रपान / smoking हमारे शरीर के लिए कितना हानिकारक है इसके क्या साइड इफेक्ट होते हैं।
 फिर भी यह हर गली चौराहे पर आसानी से मिल जाता है लोग इसका खूब उपयोगी करते हैं।


 यह जानते हुए भी की यह किसी एक बीमारी को जन्म नहीं देता बल्कि बहुत सारी बीमारियों को जन्म देता है।


 फिर भी लोग मजे से इसका उपयोग करते हैं। ऐसे लोग बहुत unlucky होते हैं जो हजारों बीमारियों को झेलने के लिए तैयार रहते हैं जिसमें एक बैक पेन भी बड़ा कारण है।



  निकोटीन से रक्तस्राव में ऑक्सीजन का स्तर कम हो जाता है और बैक मसल्स को सही मात्रा में ऑक्सीजन न मिलने से मांसपेशियां कमजोर हो जाती है जिसके कारण थोड़ा भी झटका लगने / चिंता करने से यह बढ़ने लगता है इसलिए धूम्रपान करने से बचें और अपने परिवार के बारे में सोचें।


10. योगासन / व्यायाम को अपनी दिनचर्या में जरूर शामिल करें।


व्यायाम और योगासन आपके शरीर में लचीलापन को लाता है जिससे स्पाइनल कॉर्ड में भी मूवमेंट होती रहती है जिस प्रकार किसी खास बीमारी को ठीक करने के लिए दवा लेना पड़ता है ठीक उसी प्रकार बैक पेन को ठीक करने के लिए व्यायाम और योगासन प्रतिदिन करना बहुत जरूरी है।


11. पोषायुक्त आहार लें और मसालेदार खाना खाने से बचें।


इससे पहले कि बहुत देर हो जाए आप शुरुआत में ही इसे कुछ उपायों से ठीक कर ले क्योंकि कुछ दिन बाद स्थिति और बिगड़ भी सकती है इसलिए इसे नजरअंदाज ना करें। 

अपने भोजन में पोषायुक्त आहार को शामिल करें। ज्यादा से ज्यादा सलाद/ फल हरी सब्जियों का सेवन करें। और बैक पेन होने पर कमर के बल direct न झुके।

 कोई भी चीज को जमीन पर से उठाने के लिए घुटने को bent करते हुए झुके और कमर को सीधा रखें और आराम से उठे हैं ताकि पीठ की मांसपेशियों पर ज्यादा भार न पड़े। 

हरी सब्जियों को अपनी डाइट में शामिल करें और ज्यादा भुना हुआ खाना का सेवन ना करें क्योंकि इससे विटामिन नष्ट हो जाती है। जितना हो सके मसालेदार खाने से बचें और ज्यादा तला हुआ भोजन न ग्रहण करें।


12. विटामिन डी और कैल्शियम लेते रहे।


अपनी हड्डी को मजबूत बनाए रखने के लिए कैल्शियम और विटामिन डी का टैबलेट जरूर ले। उगते हुए सूर्य की रोशनी में 15 से 20 मिनट जरूर रहे ताकि आपकी शरीर को प्राकृतिक विटामिन D मिल सके और कैल्सियम को absorb कर सके।
 अभी से ही अपने हड्डी को मजबूत बनाए रखें और osteoporosis को करें टाटा बाय-बाय जो मिनरल की कमी के कारण हड्डी में कमजोरी आ जाती है।



तो दोस्तों, आज के आर्टिकल में मैंने आपको back pain के घेरलू उपाय को बताया जिसमे आपको हरी सब्जियां, फल, सूप, सलाद, आदि का सेवन करते रहना है और टेंशन फ्री रहना है। प्रतिदिन व्यायाम और योगासन को भी अपने दैनिक दिनचर्या में शामिल करना है। ऐसा करने से आपको कुछ सप्ताह में ही फर्क नजर आने लगेगा।


पोस्ट पढ़ने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद🙏🙏।





Post a Comment

0 Comments